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रासिफल जिए ना दी (व्यंग्य)

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सबेरे-सबेरे हम अखबार खोलते आपन राशिफल देखेनी अउर ओही आधार पर दिन के सुरुवात करेनी। खाली हमहीं नाहीं , हमार मलिकाइनियो टीबी खोलते पहिले उहे चैनल देखेली जहँवा से राशिफल आवत होखो। अरे भाई , उनकरा त S   इ मालूम बा की कब कवने-कवने चैनल से राशिफल देखावेला। एइसन बाति नइखे की उनकरा राशिफल देखल बहुते अच्छा लागेला। उ त S   खालि हमार राशिफल देखेली आपन ना। राशिफल देखले की बाद उ सीधे अउर साफ तौर पर हमके हिदायत दे दे ली की आज के दिन कइसे हमरा काटे के बा। आजु जब हमार इयार बहोरन अइने हँ त हम उनसे कहनी हँ की इयार , हम त राशिफल से परेशान हो गइल बानी। का करीं कुछ समझ में नइखे आवत। हमार इयार कह ताने की तूँ मरदवा एतना हुँसीयार होखले की बादो राशिफल पर विस्वास करेल S?  इनकर बाति सुनि के हम कहनी की , दु मरदे , अगर हम ना करबी त के करी। हमहुँ पंडिते हईं। हम कबो ना चाहबि की राशिफल पर से लोग के विस्वास उठि जा। अरे भाई केतने पंडितन की रोजी-रोटी के सवाल बा। आगे हम कहनी , अरे इयार , जब से इ राशिफल देखे के हम सौख पलले बानी , जिनगी में भूकंप आ गइल बा। हमार इयार कहने उ काँहे। हम कहनी , कल्हिएँ के ...